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सिंहस्थ 2016 के अक्षय तृतीया शाही स्नान पर उज्जैन में शिप्रा के घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़
त्योहार गाइड

सिंहस्थ 2028 उज्जैन: तारीखें, अमृत (शाही) स्नान और संपूर्ण यात्रा गाइड

मेले की आधिकारिक अवधि, अमृत (शाही) स्नान की रिपोर्टेड तारीखें, अखाड़े, इंदौर से कैसे पहुंचें और कहां ठहरें। इंदौर के Traverse ट्रैवल डेस्क द्वारा जांची और अपडेट की जाने वाली गाइड।

  • प्रकाशित: 8 अक्टूबर 2026
  • तारीखों की जांच: 8 अक्टूबर 2026
  • 18 मिनट का पठन

सिंहस्थ 2028, यानी उज्जैन में शिप्रा (क्षिप्रा) के तट पर लगने वाला कुंभ मेला, 27 मार्च से 27 मई 2028 तक चलेगा। यह अवधि आधिकारिक है: मध्य प्रदेश सरकार ने 5 मार्च 2024 की प्रेस विज्ञप्ति में इसकी घोषणा की थी, और 9 अप्रैल से 8 मई 2028 के बीच तीन अमृत (शाही) स्नान व सात पर्व स्नान प्रस्तावित बताए थे। अलग-अलग अमृत स्नान की तारीखें अभी आधिकारिक रूप से अधिसूचित नहीं हुई हैं, इसलिए नीचे हर तारीख के साथ उसकी स्थिति भी लिखी है।

स्थिति: क्या पक्का है (अंतिम जांच 8 अक्टूबर 2026)
  • आधिकारिक: मेले की अवधि, 27 मार्च – 27 मई 2028 (मप्र सरकार, 5 मार्च 2024; अप्रैल 2025 में दोहराई गई)।
  • आधिकारिक रूप से प्रस्तावित: 9 अप्रैल से 8 मई के बीच 3 अमृत स्नान और 7 पर्व स्नान।
  • रिपोर्टेड, अधिसूचित नहीं: 9 अप्रैल, 23 अप्रैल और 8 मई को अमृत स्नान। पंचांग के हिसाब से दूसरा स्नान 23 नहीं, 24 अप्रैल को बनता है।
  • अभी जारी नहीं: पर्व स्नान और पेशवाई की तारीखें, और कोई आधिकारिक ऐप या पोर्टल।

सिंहस्थ 2028 कब है? तारीखें और आधिकारिक कार्यक्रम

यात्रा की योजना के लिए जरूरी हर तारीख, 8 अक्टूबर 2026 की स्थिति के साथ। रिपोर्टेड का मतलब है कि तारीख मीडिया में आई है और आधिकारिक अवधि व पंचांग दोनों से मेल खाती है, लेकिन किसी सरकारी अधिसूचना में दर्ज नहीं है।

सिंहस्थ 2028 उज्जैन: मुख्य तारीखें और उनकी स्थिति
तारीख (दिन)आयोजनतिथिस्थिति
27 मार्च 2028 (सोमवार)सिंहस्थ की शुरुआतचैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा)आधिकारिकमप्र सरकार, 5 मार्च 2024
मार्च – अप्रैल की शुरुआत 2028अखाड़ों की पेशवाई (छावनी प्रवेश)—अधिसूचना की प्रतीक्षातारीखें अखाड़े तय करते हैं
9 अप्रैल 2028 (रविवार)पहला अमृत (शाही) स्नानचैत्र पूर्णिमा (हनुमान जयंती)रिपोर्टेडअवधि आधिकारिक; तारीख रिपोर्टेड
13 अप्रैल 2028 (गुरुवार)मेष संक्रांति: सूर्य का मेष राशि में प्रवेश—केवल पंचांगखगोलीय घटना
23 अप्रैल (रविवार) या 24 अप्रैल (सोमवार) 2028दूसरा अमृत (शाही) स्नानवैशाख अमावस्या 24 अप्रैल को (सोमवती)अधिसूचना की प्रतीक्षाखबरों में 23 अप्रैल; पंचांग में 24 अप्रैल
27 अप्रैल 2028 (गुरुवार)अक्षय तृतीया (2016 में शाही स्नान का दिन)वैशाख शुक्ल तृतीयाकेवल पंचांगस्नान के रूप में घोषित नहीं
8 मई 2028 (सोमवार)तीसरा (अंतिम) अमृत (शाही) स्नानवैशाख पूर्णिमा (बुद्ध पूर्णिमा)रिपोर्टेडअवधि आधिकारिक; तारीख रिपोर्टेड
9 अप्रैल – 8 मई 20287 पर्व स्नान—अधिसूचना की प्रतीक्षाप्रस्तावित; तारीखें जारी नहीं
27 मई 2028 (शनिवार)सिंहस्थ का समापनज्येष्ठ शुक्ल तृतीयाआधिकारिकमप्र सरकार, 5 मार्च 2024

अंतिम जांच 8 अक्टूबर 2026: मप्र सरकार की 5 मार्च 2024 की विज्ञप्ति (mpinfo.org) और द्रिक पंचांग के तिथि समय (IST) से मिलान। अमृत स्नान की तारीखें अधिसूचित होते ही हम यह तालिका अपडेट करेंगे।

क्या आधिकारिक है और क्या सिर्फ खबरों में

स्रोत मध्य प्रदेश जनसंपर्क संचालनालय की 5 मार्च 2024 की विज्ञप्ति है: सिंहस्थ महापर्व 27 मार्च से 27 मई 2028 तक होगा, और 9 अप्रैल से 8 मई के बीच 3 शाही स्नान व 7 पर्व स्नान प्रस्तावित हैं। अप्रैल 2025 में मेला अधिकारी आशीष सिंह ने यही अवधि दोहराई।

अलग-अलग तारीखें (9 अप्रैल, 23 अप्रैल, 8 मई) अप्रैल 2025 में हिंदी मीडिया में छपीं, पर यह नहीं बताया गया कि इन्हें किसने अधिसूचित किया। पंचांग में सूर्योदय के समय 9 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा और 8 मई को वैशाख पूर्णिमा है, यानी आधिकारिक अवधि के दोनों छोर।

दिक्कत 23 अप्रैल की है। उस दिन सूर्योदय के समय कृष्ण चतुर्दशी है। वैशाख अमावस्या 24 अप्रैल को 00:20 बजे से 25 अप्रैल को 01:16 बजे तक है, यानी सोमवार 24 अप्रैल को सोमवती अमावस्या है। इसलिए तारीख अधिसूचित होने तक दोनों दिन खाली रखें। यह भी ध्यान दें कि सरकारी विज्ञप्तियों में अब “शाही स्नान” की जगह “अमृत स्नान” लिखा जा रहा है।

“आधिकारिक रूप से पक्की” बताई जा रही सूचियों से सावधान रहें। कुछ वेबसाइटें, जिनमें इंदौर की एक ट्रैवल एजेंसी भी है, सातों पर्व स्नान को पक्का बताकर छाप रही हैं, वह भी गलत नामों के साथ, जैसे 5 मई को वैशाख पूर्णिमा (जबकि वह 8 मई को है)। कुछ साइटें मेला खत्म होने के बाद जून में स्नान बता रही हैं, तो कुछ 2016 की तारीखें ही दोहरा रही हैं।

7 पर्व स्नान (अभी अधिसूचित नहीं)

सिर्फ संख्या आधिकारिक है: 9 अप्रैल से 8 मई के बीच सात पर्व स्नान। इंटरनेट पर घूम रही सूची (27 मार्च, 4 अप्रैल, 14 अप्रैल, 19 अप्रैल, 1 मई, 5 मई, 15 मई) की तीन तारीखें इस अवधि से बाहर हैं। मेले के बीच पड़ने वाले पर्व, जिनमें से कोई भी स्नान के रूप में घोषित नहीं है: राम नवमी (3 अप्रैल), मेष संक्रांति (13 अप्रैल), अक्षय तृतीया (27 अप्रैल), मोहिनी एकादशी (4 मई) और वृषभ संक्रांति (14 मई)।

मेले के दौरान पंचक्रोशी यात्रा

पंचक्रोशी यात्रा उज्जैन के चार “द्वारपाल” शिव मंदिरों (पिंगलेश्वर, कायावरोहणेश्वर, बिल्केश्वर और दर्दुरेश्वर) की लगभग 118 किमी की परिक्रमा है, जो वैशाख के कृष्ण पक्ष में होती है (2024 में 3–7 मई)। 2028 में यह पखवाड़ा 9 से 24 अप्रैल के बीच, यानी मेले के भीतर ही पड़ रहा है, इसलिए दोनों के एक साथ चलने की उम्मीद रखें। यात्रा की तारीखें अभी घोषित नहीं हुई हैं।

सिंहस्थ क्या है? उज्जैन का कुंभ आसान भाषा में

सिंहस्थ उज्जैन का कुंभ मेला है। इसका नाम गुरु (बृहस्पति) के सिंह राशि में आने से पड़ा है, जो लगभग हर 12 साल में होता है। प्रयागराज, हरिद्वार और नासिक के साथ उज्जैन कुंभ के चार शहरों में से एक है।

उज्जैन ही क्यों: अमृत की कथा और महाकाल

समुद्र मंथन की कथा के अनुसार अमृत की एक बूंद यहां क्षिप्रा में गिरी थी, और 2028 के लिए राज्य सरकार का घोषित लक्ष्य है कि स्नान सिर्फ क्षिप्रा के जल से हो। उज्जैन में 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, महाकालेश्वर भी है। दर्शन की पूरी जानकारी हमारी उज्जैन और महाकाल दर्शन गाइड (अंग्रेज़ी में) में है, और आरती के स्लॉट की जानकारी भस्म आरती बुकिंग गाइड (अंग्रेज़ी में) में।

रात में रोशनी से जगमगाता उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर, अंधेरे आसमान के सामने उसका सीढ़ीनुमा शिखर
महाकालेश्वर, उज्जैन: ज्यादातर श्रद्धालु स्नान के साथ महाकाल दर्शन भी करते हैं।फोटो: Ashverse, CC BY-SA 4.0

सिंह राशि में गुरु, मेष में सूर्य: सिंहस्थ काल

उज्जैन के कुंभ के लिए वैशाख मास में गुरु का सिंह राशि में और सूर्य का मेष राशि में होना जरूरी है। 2028 में सूर्य 13 अप्रैल से 14 मई तक मेष राशि में है, इसीलिए स्नान अप्रैल–मई में हैं। दो ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार गुरु का “सिंहस्थ काल” 31 अक्टूबर 2026 से 24 जुलाई 2028 तक है, जिसमें 26 नवंबर 2027 से 28 फरवरी 2028 तक गुरु कन्या राशि में रहेंगे। मेले का पहला दिन, 27 मार्च 2028, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (गुड़ी पड़वा) है, यानी विक्रम संवत 2085 का पहला दिन।

उज्जैन बनाम नासिक सिंहस्थ: एक चक्र, दो मेले

गुरु के एक ही सिंह राशि गोचर में दो मेले लगते हैं। नासिक–त्र्यंबकेश्वर का मेला लगभग पूरे काल में फैला है और उसके अमृत स्नान अगस्त–सितंबर 2027 में हैं; उज्जैन सूर्य के मेष राशि में आने का इंतजार करता है। नासिक की पूरी तारीखें हमारी नासिक–त्र्यंबकेश्वर कुंभ मेला गाइड में हैं।

उज्जैन बनाम नासिक–त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ
बिंदुउज्जैननासिक–त्र्यंबकेश्वर
नदीशिप्रा (क्षिप्रा)गोदावरी
मेले की अवधि27 मार्च – 27 मई 202831 अक्टूबर 2026 – 24 जुलाई 2028
अमृत स्नान9 अप्रैल से 8 मई 2028 के बीच प्रस्तावितअगस्त – सितंबर 2027
योगसिंह राशि में गुरु और मेष राशि में सूर्यसिंह राशि में गुरु
अखाड़ों का बंटवारानदी के दो किनारों पर: शैव दत्त अखाड़ा घाट पर, वैष्णव रामघाट परदो शहरों में: वैष्णव रामकुंड (नासिक) में, शैव कुशावर्त (त्र्यंबकेश्वर) में
ज्योतिर्लिंगमहाकालेश्वरत्र्यंबकेश्वर

अंतिम जांच 8 अक्टूबर 2026।

इंदौर और पूरे मालवा के यात्रियों के लिए उज्जैन दोनों में से ज्यादा नजदीक है: इंदौर एयरपोर्ट सिर्फ 53 किमी दूर है। अगर दोनों मेलों में जाना चाहते हैं, तो ध्यान रखें कि नासिक के शाही स्नान उज्जैन से सात-आठ महीने पहले होंगे।

सिंहस्थ 2016 बनाम 2028: आंकड़ों में

उज्जैन में पिछला सिंहस्थ 22 अप्रैल से 21 मई 2016 तक चला था। उससे पहले के दो सिंहस्थ 2004 और 1992 में हुए, और 2028 के बाद अगला सिंहस्थ 2040 में होगा।

सिंहस्थ 2016 बनाम 2028
पैमाना20162028
तारीखें22 अप्रैल – 21 मई 201627 मार्च – 27 मई 2028
अवधि30 दिन62 दिन
शाही / अमृत स्नान22 अप्रैल, 9 मई, 21 मईतीन प्रस्तावित, 9 अप्रैल – 8 मई; अधिसूचित नहीं
श्रद्धालुअनुमानित 5–7.5 करोड़30–40 करोड़ (सरकारी अनुमान, 2026)
ट्रेन से आने वालेलगभग 20 लाखलगभग 1 करोड़ की उम्मीद (रेलवे बोर्ड)
घाटलगभग 7 किमीलगभग 35 किमी (मुख्यमंत्री, अगस्त 2026)
खर्चबुनियादी ढांचे पर ₹632.86 करोड़ (पत्रिका)₹25,000 करोड़ से ज्यादा के काम (मप्र सरकार, जून 2026)

स्रोत: mpinfo.org की विज्ञप्तियां (2024–26), रेलवे बोर्ड (PTI, जून 2025), 2016 के लिए मीडिया रिपोर्ट। 2028 के आंकड़े अनुमान हैं। अंतिम जांच 8 अक्टूबर 2026।

सरकारी अनुमान लगातार बढ़े हैं: जनवरी 2024 में लगभग 12 करोड़ श्रद्धालु, और 2026 में मुख्यमंत्री के बयानों में 30–40 करोड़। घाट 24 घंटे में लगभग 4 करोड़ लोगों के स्नान के हिसाब से बनाए जा रहे हैं। महाकाल लोक खुलने के बाद उज्जैन में भीड़ पहले ही काफी बढ़ चुकी है: 2025 में लगभग 8 करोड़ लोग आए, जबकि पहले साल भर में 60–70 लाख आते थे, और 2026 में 12 करोड़ से ज्यादा लोगों के आने की उम्मीद है।

सिंहस्थ 2016 के दौरान उज्जैन की एक सड़क पर बैरिकेड और भगवा झंडों के बीच श्रद्धालुओं की घनी भीड़
सिंहस्थ 2016 के दौरान उज्जैन में श्रद्धालु।फोटो: Suyash Dwivedi, CC BY-SA 4.0

उज्जैन सिंहस्थ 2028 मास्टर प्लान: क्या-क्या बन रहा है

मप्र सरकार के अनुसार उज्जैन और आसपास के जिलों में ₹25,000 करोड़ से ज्यादा के काम चल रहे हैं, और सभी काम दिवाली 2027 तक पूरे करने का लक्ष्य है। यहां वे काम हैं जो यात्रियों के लिए मायने रखते हैं, हमें मिली ताजा स्थिति के साथ।

सिंहस्थ 2028: कामों की प्रगति
परियोजनाक्या हैस्थितिजानकारी की तारीख
नए घाटदोनों किनारों पर 29.15 किमी; ₹778 करोड़7 किमी घाट और 18.20 किमी रिटेनिंग वॉल तैयार20 जून 2026
कान्ह डायवर्जन डक्टकान्ह का पानी शिप्रा से अलग ले जाने वाली 30.15 किमी की बंद डक्ट; ₹919.94 करोड़8.15 किमी सुरंग की खुदाई पूरीजून 2026
इंदौर–उज्जैन छह-लेन सड़क₹1,692 करोड़ का चौड़ीकरण80% पूरा; लक्ष्य 14 जनवरी 2027 (मीडिया)अगस्त 2026
उज्जैन एयरपोर्ट (दताना-मताना)RCS-UDAN 5.2; ATR-72 विमानों के लिए 1,800 मीटर रनवेशिलान्यास 1 नवंबर 2025; 2026 के मध्य तक मंजूरी बाकी, समय पर तैयार होना पक्का नहींसितंबर 2026
इंदौर–उज्जैन मेट्रोलगभग 45–47 किमीसिंहस्थ 2028 से पहले नहीं चलेगीअप्रैल 2026
रेल7 स्टेशनों का उन्नयन; नईखेड़ी–चिंतामन गणेश बायपास लाइन100+ स्पेशल ट्रेनों की योजना (रेलवे)सितंबर 2026
कमांड एंड कंट्रोल सेंटरAI से भीड़ प्रबंधन और CCTV; ₹139.14 करोड़कामों की सूची में; अभी कोई आधिकारिक ऐप नहींअप्रैल 2026
महाकाल तक रोपवेउज्जैन जंक्शन से 1.76 किमीलक्ष्य अक्टूबर 2026 था; स्थिति की पुष्टि नहींअक्टूबर 2026
टेंट सिटी और होमस्टे“रण उत्सव की तर्ज पर” टेंट सिटी; 100 किमी के दायरे में होमस्टेसिर्फ योजना; बुकिंग शुरू नहीं8 अक्टूबर 2026

स्थिति मप्र सरकार की विज्ञप्तियों (mpinfo.org) के अनुसार, जहां “मीडिया” लिखा है उसे छोड़कर; हर महीने दोबारा जांची जाती है। अंतिम जांच 8 अक्टूबर 2026।

घाट, सड़कें और मेट्रो क्यों नहीं

नए घाटों के अलावा लगभग 8–9 किमी पुराने घाटों को भी सुधारा जा रहा है, और कान्ह डायवर्जन डक्ट व सेवरखेड़ी–सिलारखेड़ी परियोजना का मकसद शिप्रा को साफ और बहती हुई रखना है। सभी घाटों को जोड़ने वाली 12 किमी लंबी छह-लेन सड़क मेले के दौरान BRT कॉरिडोर की तरह चलेगी। इंदौर–उज्जैन मेट्रो 2028 से पहले नहीं चलेगी।

सिंहस्थ 2016 के दौरान उज्जैन के रामघाट पर गुलाबी बलुआ पत्थर के मंडप और सीढ़ियां, साथ में श्रद्धालु, पुलिस चौकी और लाउडस्पीकर
सिंहस्थ 2016 के दौरान रामघाट।फोटो: Suyash Dwivedi, CC BY-SA 4.0

टेंट सिटी, सेवादूत और रद्द हुई “कुंभ सिटी”

योजना में 15,000 से ज्यादा “सेवादूत” स्वयंसेवक, 22,500 पुलिसकर्मियों की भर्ती और AI आधारित कमांड सेंटर शामिल हैं। स्थायी “कुंभ सिटी” के लिए लैंड पूलिंग योजना किसानों के विरोध के बाद नवंबर–दिसंबर 2025 में वापस ले ली गई, इसलिए पिछले सिंहस्थों की तरह शिविरों के लिए जमीन अस्थायी रूप से ली जाएगी।

अखाड़े, नागा साधु और उज्जैन का अमृत स्नान

हर अमृत स्नान के दिन अखाड़े तय क्रम में जुलूस के साथ नदी तक पहुंचते हैं और सबसे पहले स्नान करते हैं। आम श्रद्धालु उनके बाद घाट पर उतरते हैं; 2016 में यह समय सुबह लगभग 7 बजे था।

13 अखाड़े

उज्जैन में 13 अखाड़े और उनके स्नान घाट
परंपराअखाड़ेस्नान घाट
शैव (संन्यासी), 7जूना, आवाहन, अग्नि, निरंजनी, आनंद, महानिर्वाणी, अटलदत्त अखाड़ा घाट
वैष्णव (बैरागी), 3निर्मोही, दिगंबर, निर्वाणीरामघाट
उदासीन, 2बड़ा उदासीन, नया उदासीनस्नान का समय घोषित होना बाकी
निर्मल, 1निर्मलस्नान का समय घोषित होना बाकी

2016 में दोनों किनारों पर अखाड़ों का स्नान सुबह 3 से 5 बजे के बीच शुरू हुआ था। 2028 की समय-सारणी अभी जारी नहीं हुई है।

रामघाट बनाम दत्त अखाड़ा घाट: कौन कहां स्नान करता है

शैव अखाड़े दत्त अखाड़ा घाट पर और वैष्णव अखाड़े सामने वाले किनारे पर रामघाट पर स्नान करते हैं। यह बंटवारा आपसी टकराव के बाद 1789 में पेशवा के आदेश से हुआ था। 2016 में पहली बार दोनों पक्षों ने एक ही समय पर स्नान किया। 2028 में हर अखाड़े को हर अमृत स्नान पर ज्यादा से ज्यादा 15 मिनट मिलेंगे, और किन्नर अखाड़ा जूना अखाड़े के साथ स्नान करेगा।

हिंदी और अंग्रेजी में दत्त अखाड़ा घाट लिखा नीला साइनबोर्ड, पीछे भगवा झंडे और नदी किनारे का मंडप, उज्जैन, 2016
दत्त अखाड़ा घाट, जहां शैव अखाड़े स्नान करते हैं (2016)।फोटो: Suyash Dwivedi, CC BY-SA 4.0

पेशवाई (छावनी प्रवेश)

पहले अमृत स्नान से पहले हर अखाड़ा हाथी, घोड़े, रथ और नागा साधुओं के साथ जुलूस निकालकर अपनी छावनी में प्रवेश करता है। इनकी तारीखें अखाड़े खुद तय करते हैं; मार्च के आखिर से अप्रैल की शुरुआत के बीच की उम्मीद रखें।

उज्जैन, 2016: निर्मल अखाड़े के जुलूस में फूलों से सजी पालकी पर चंवर लिए सफेद पगड़ी वाले एक साधु
शाही स्नान के दिन निर्मल अखाड़े का जुलूस, 2016।फोटो: Suyash Dwivedi, CC BY-SA 4.0
शिष्टाचार: बैरिकेड के पीछे से ही देखें, अखाड़ों के रास्ते में न आएं और उनका स्नान पूरा होने तक स्नान क्षेत्र में न जाएं। किसी साधु की नजदीक से फोटो लेने से पहले अनुमति लें।

सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन कैसे पहुंचें (इंदौर होकर)

इंदौर सबसे व्यावहारिक रास्ता है: यहां सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है, मालवा में सबसे ज्यादा होटल हैं, और सीधा रेल व सड़क संपर्क है। इंदौर से उज्जैन जाने के रोज के विकल्प हमारी उज्जैन गाइड (अंग्रेज़ी में) में हैं; यहां बता रहे हैं कि मेले के दौरान क्या बदलेगा।

हवाई मार्ग: इंदौर एयरपोर्ट से (53 किमी)

इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट (IDR) आधिकारिक आंकड़े के अनुसार उज्जैन से 53 किमी दूर है, यानी सड़क से 60–90 मिनट। उज्जैन का अपना एयरपोर्ट 2028 तक तैयार होगा, यह पक्का नहीं है, इसलिए इंदौर की फ्लाइट ही लें।

रेल मार्ग: उज्जैन जंक्शन और आसपास के स्टेशन

उज्जैन जंक्शन (UJN) रतलाम–भोपाल और इंदौर–देवास–उज्जैन लाइन पर है। मेले के दौरान कुछ ट्रेनें चिंतामन गणेश, पिंगलेश्वर, नईखेड़ी या विक्रम नगर जैसे आसपास के स्टेशनों पर रुक सकती हैं, जहां से मेला क्षेत्र तक पैदल या शटल से जाना होगा, इसलिए देख लें कि आपका टिकट किस स्टेशन तक है। रेलवे बोर्ड को ट्रेन से लगभग 1 करोड़ यात्रियों के आने की उम्मीद है, जबकि 2016 में लगभग 20 लाख आए थे। योजना में स्टेशनों पर होल्डिंग एरिया हैं और आखिरी समय पर प्लेटफॉर्म नहीं बदले जाएंगे।

सड़क मार्ग: छह-लेन, पार्किंग और पैदल

2016 में निजी वाहन शहर के बाहर पार्किंग पर रोक दिए गए थे और लोग पैदल या शटल से आगे गए थे। 2028 में भी यही उम्मीद रखें, और अमृत स्नान के दिनों में विशेष ट्रैफिक प्लान रहेगा। साथ में ओंकारेश्वर भी जाना है? दूरी और किराए हमारे उज्जैन–ओंकारेश्वर टूर पेज (अंग्रेज़ी में) पर हैं।

सिंहस्थ 2028 में कहां ठहरें: उज्जैन, इंदौर या टेंट सिटी

सिंहस्थ के लिए उज्जैन के कमरे जल्दी भर जाते हैं, और अभी कोई आधिकारिक आवास बुकिंग शुरू नहीं हुई है। 8 अक्टूबर 2026 तक के विकल्प:

सिंहस्थ 2028 में कहां ठहरें
विकल्पकिसके लिए ठीकध्यान रखें
उज्जैन के होटल और धर्मशालाएंघाटों और महाकाल के पास रहने के लिएजल्दी भर जाते हैं
इंदौर को बेस बनाएंबुजुर्ग, परिवार, होटलों के ज्यादा विकल्प; 1–1.5 घंटे दूररोज आना-जाना; स्नान के दिन गाड़ी उज्जैन के बाहर पार्क करनी होगी
सरकारी टेंट सिटीमेले के भीतर ठहरने के लिएयोजना में; अभी न जगह तय, न बुकिंग
100 किमी के दायरे में होमस्टेस्थानीय परिवारों के साथ किफायती ठहरावसरकारी योजना; अभी कोई लिस्टिंग नहीं
अखाड़ा शिविर और कल्पवासकिसी अखाड़े से जुड़े श्रद्धालुव्यवस्था अखाड़े करते हैं; यह हम बुक नहीं करते

कमरों के रेट हम अभी नहीं दे रहे, क्योंकि 2028 की भरोसेमंद कीमतें अभी हैं ही नहीं। अंतिम जांच 8 अक्टूबर 2026।

इंदौर से हमारी सलाह: स्नान वाले दिन के अलावा किसी दिन जा रहे हैं, तो इंदौर में रुकें और सुबह जल्दी निकलें। अमृत स्नान के दिन के लिए, कमरा मिल जाए तो एक रात पहले उज्जैन में रुकें। महाकाल के पास होटलों के लिए हमारी उज्जैन गाइड (अंग्रेज़ी में) देखें।

सिंहस्थ 2028 में जाने के सबसे अच्छे दिन (और किन दिनों से बचें)

  • अखाड़ों के जुलूस देखने के लिए: अमृत स्नान का दिन (9 अप्रैल और 8 मई रिपोर्टेड हैं; दूसरा 23 या 24 अप्रैल)। एक दिन पहले पहुंचें।
  • आराम से स्नान और दर्शन के लिए: स्नान के दिनों से हटकर कोई सामान्य दिन। मार्च के आखिर और अप्रैल की शुरुआत में गर्मी भी कम रहती है।
  • बुजुर्गों या छोटे बच्चों के साथ: अमृत स्नान के दिन और उसके आगे-पीछे के दिन टालें।
  • इन दिनों भी भीड़ रहेगी: अक्षय तृतीया (27 अप्रैल), जो 2016 में शाही स्नान का दिन था, और अप्रैल के दूसरे पखवाड़े में संभावित पंचक्रोशी यात्रा।

जब तक स्नान की तारीखें अधिसूचित न हों, रिफंड होने वाली बुकिंग ही करें। भस्म आरती भी करनी है? तारीख तय करने से पहले हमारी भस्म आरती बुकिंग गाइड (अंग्रेज़ी में) पढ़ें।

अप्रैल–मई में गर्मी, आंधी और भीड़ से सुरक्षा

मेले के महीनों में उज्जैन का तापमान
महीनाऔसत अधिकतमअब तक का सबसे ज्यादा
मार्च34.9 °C—
अप्रैल38.9 °C45.2 °C
मई40.9 °C46.0 °C

स्रोत: उज्जैन के लिए IMD के जलवायु औसत।

गर्मी। सुबह जल्दी स्नान करें, दोपहर में आराम करें, सिर ढककर रखें और पानी व ORS साथ रखें।

आंधी-तूफान। मानसून से पहले की आंधी सच में आती है: 5 मई 2016 को मेले में आए तूफान में सात लोगों की जान गई थी। तेज हवा चले तो टेंट, होर्डिंग और अस्थायी ढांचों से दूर हटें और पुलिस की घोषणाओं का पालन करें।

भीड़। 2028 की योजना में आने और जाने के अलग रास्ते, होल्डिंग एरिया और स्नान के दिनों में विशेष ट्रैफिक प्लान हैं। मिलने की एक जगह पहले से तय करें, बच्चों और बुजुर्गों की जेब में एक फोन नंबर लिखकर रखें, और भीड़ के साथ चलें, कभी उसके खिलाफ नहीं।

सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। 8 अक्टूबर 2026 तक कोई आधिकारिक ऐप या पोर्टल नहीं है; simhastha.org.in, ujjainmahakumbh.com और Play Store का “Ujjain Simhastha 2028” ऐप सरकारी माध्यम नहीं हैं। जानकारी के लिए mpinfo.org और उज्जैन जिले की वेबसाइट देखते रहें।

Traverse (इंदौर) के साथ अपनी सिंहस्थ 2028 यात्रा प्लान करें

इंदौर का हमारा ट्रैवल डेस्क (2014 से) इंदौर या उज्जैन में ठहरने, इंदौर एयरपोर्ट या स्टेशन से कैब, स्नान के साथ महाकाल दर्शन वाला दिन, और ओंकारेश्वर (अंग्रेज़ी में) जोड़ने की योजना बना सकता है। हम दर्शन, भस्म आरती या VIP पास नहीं बेचते; ये सिर्फ श्री महाकालेश्वर मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर ही बुक करें।

सिंहस्थ 2028: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  • सिंहस्थ 2028 कब है? उज्जैन में मेला कब से कब तक लगेगा?

    सिंहस्थ 2028 उज्जैन में 27 मार्च से 27 मई 2028 तक, यानी 62 दिन चलेगा। मध्य प्रदेश सरकार ने 5 मार्च 2024 को यह अवधि घोषित की थी और अप्रैल 2025 में मेला अधिकारी ने इसे दोहराया। तीन अमृत (शाही) स्नान और सात पर्व स्नान 9 अप्रैल से 8 मई 2028 के बीच प्रस्तावित हैं।

  • सिंहस्थ 2028 में शाही स्नान (अमृत स्नान) की तारीखें क्या हैं?

    खबरों में 9 अप्रैल, 23 अप्रैल और 8 मई 2028 बताई गई हैं, लेकिन ये तारीखें प्रस्तावित हैं, आधिकारिक रूप से अधिसूचित नहीं। सरकार ने सिर्फ इतना कहा है कि स्नान 9 अप्रैल से 8 मई के बीच होंगे। 9 अप्रैल को चैत्र पूर्णिमा और 8 मई को वैशाख पूर्णिमा है। दूसरे स्नान के लिए पंचांग में वैशाख अमावस्या 24 अप्रैल को है, इसलिए दोनों दिन खाली रखें।

  • क्या सिंहस्थ 2028 की तारीखें आधिकारिक हैं?

    आंशिक रूप से। मेले की अवधि, 27 मार्च से 27 मई 2028, आधिकारिक है; यह मध्य प्रदेश सरकार की 5 मार्च 2024 की विज्ञप्ति में है। उसी विज्ञप्ति में 9 अप्रैल से 8 मई के बीच तीन शाही स्नान और सात पर्व स्नान प्रस्तावित बताए गए हैं। 8 अक्टूबर 2026 तक किसी सरकारी अधिसूचना में स्नान की अलग-अलग तारीखें नहीं हैं।

  • सिंहस्थ कुंभ क्या है और कितने साल में होता है?

    यह उज्जैन, मध्य प्रदेश में शिप्रा (क्षिप्रा) नदी के तट पर लगभग हर 12 साल में लगने वाला कुंभ मेला है। इसे सिंहस्थ इसलिए कहते हैं क्योंकि यह गुरु (बृहस्पति) के सिंह राशि में रहने पर होता है। इसमें श्रद्धालु, साधु-संत और 13 अखाड़े पवित्र स्नान के लिए जुटते हैं। प्रयागराज, हरिद्वार और नासिक के साथ उज्जैन कुंभ के चार शहरों में से एक है।

  • सिंहस्थ उज्जैन में ही क्यों लगता है?

    समुद्र मंथन की कथा के अनुसार अमृत की एक बूंद उज्जैन में क्षिप्रा नदी में गिरी थी; ऐसे चार स्थान हैं। उज्जैन का कुंभ तब होता है जब वैशाख में गुरु सिंह राशि में और सूर्य मेष राशि में हों। यहां 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक, महाकालेश्वर भी है, और ज्यादातर श्रद्धालु स्नान के साथ महाकाल दर्शन भी करते हैं।

  • पिछला सिंहस्थ कब हुआ था और अगला कब होगा?

    उज्जैन में पिछला सिंहस्थ 22 अप्रैल से 21 मई 2016 तक, यानी 30 दिन चला था। उसके शाही स्नान 22 अप्रैल (चैत्र पूर्णिमा), 9 मई (अक्षय तृतीया) और 21 मई (वैशाख पूर्णिमा) को हुए थे, और अनुमानित 5 से 7.5 करोड़ लोग आए थे। 2028 के बाद अगला सिंहस्थ 2040 में होगा।

  • सिंहस्थ काल क्या होता है?

    यह वह समय है जब गुरु सिंह राशि में रहते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार मौजूदा सिंहस्थ काल 31 अक्टूबर 2026 से 24 जुलाई 2028 तक है, जिसमें 26 नवंबर 2027 से 28 फरवरी 2028 तक गुरु कन्या राशि में रहेंगे। नासिक का सिंहस्थ इस काल के ज्यादातर हिस्से में चलता है; उज्जैन का मेला मार्च–मई 2028 वाला हिस्सा है, जब सूर्य भी मेष राशि में होता है।

  • क्या सिंहस्थ 2028 ही कुंभ मेला 2028 है?

    हां। 2028 का मुख्य कुंभ मेला उज्जैन सिंहस्थ है, जो 27 मार्च से 27 मई 2028 तक लगेगा और जिसे राज्य सरकार सिंहस्थ महापर्व कहती है। नासिक–त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ भी औपचारिक रूप से जुलाई 2028 तक चलता है, लेकिन उसके शाही स्नान 2027 में होंगे।

  • उज्जैन और नासिक सिंहस्थ में क्या अंतर है?

    दोनों गुरु के सिंह राशि वाले एक ही चक्र के मेले हैं। नासिक–त्र्यंबकेश्वर का मेला गोदावरी तट पर अक्टूबर 2026 से जुलाई 2028 तक है और उसके अमृत स्नान अगस्त–सितंबर 2027 में हैं। उज्जैन का मेला शिप्रा तट पर 27 मार्च से 27 मई 2028 तक है, क्योंकि यहां सूर्य का मेष राशि में होना भी जरूरी है। नासिक में अखाड़े दो शहरों में बंटते हैं, उज्जैन में नदी के दो किनारों पर।

  • इंदौर से उज्जैन सिंहस्थ कैसे पहुंचें? सबसे नजदीकी एयरपोर्ट कौन-सा है?

    सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट (IDR) है, जो आधिकारिक आंकड़े के अनुसार उज्जैन से 53 किमी, यानी सड़क से 60–90 मिनट दूर है। इंदौर से उज्जैन के लिए सीधी ट्रेनें और सड़क भी है। उज्जैन के पास दताना-मताना में UDAN योजना के तहत एयरपोर्ट बन रहा है, जिसे सिंहस्थ से पहले शुरू करने का लक्ष्य है, लेकिन 2026 के मध्य तक मंजूरियां बाकी थीं, इसलिए इंदौर की फ्लाइट ही लें।

  • सिंहस्थ 2028 में उज्जैन में रुकें या इंदौर में?

    होटलों के ज्यादा विकल्प चाहिए, साथ में बुजुर्ग हैं या स्नान के अलावा किसी दिन जा रहे हैं, तो इंदौर में रुकें; उज्जैन वहां से 1 से 1.5 घंटे दूर है। अमृत स्नान के दिन सुबह जल्दी घाट पहुंचना हो तो उज्जैन में रुकें, लेकिन जल्दी बुक करें क्योंकि कमरे भर जाते हैं। सरकारी टेंट सिटी और 100 किमी के दायरे में होमस्टे की योजना है, पर अभी बुकिंग शुरू नहीं हुई है।

  • क्या सिंहस्थ 2028 का कोई आधिकारिक ऐप या रजिस्ट्रेशन है?

    अभी नहीं। 8 अक्टूबर 2026 तक मध्य प्रदेश सरकार ने सिंहस्थ 2028 का कोई आधिकारिक ऐप, पोर्टल या रजिस्ट्रेशन शुरू नहीं किया है, हालांकि सरकार का कहना है कि रास्तों, पार्किंग और सुविधाओं की जानकारी के लिए ऐप आएंगे। simhastha.org.in और ujjainmahakumbh.com जैसी वेबसाइटें और Play Store का “Ujjain Simhastha 2028” ऐप आधिकारिक नहीं हैं।


कवर फोटो: Ministry of Culture, Government of India (PIB), GODL-India